जीएसटी रिटर्न करदाता द्वारा सरकार या कर अधिकारियों को नियमित तिथियों पर दी गई जानकारी का एक विवरण है।
जानकारी में आम तौर पर कई विवरण शामिल होते हैं जैसे-
- विक्रेता का बिजनस ऑपरेशन
- बिक्री मूल्य
- कर का मूल्य
- जीएसटी में कटौती
- जीएसटी में छूट
- आईटीसी का दावा आदि।
जीएसटी रिटर्न एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो कर अधिकारियों को किसी विशेष वर्ष के लिए संग्रहीत कर की राशि की गणना करने की अनुमति देता है।
करदाता को आम तौर पर इलेक्ट्रॉनिक मोड (ऑनलाइन मोड) में सरकार द्वारा दिए गए आवंटित फॉर्म में जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता होती है।
जीएसटीआर-1 क्या है?
GSTR-1 वर्ष के दौरान की गई आउटवार्ड सप्लाई (outward supply) का विवरण है। इसे हर महीने फाइल किया जाता है।
करदाताओं को मासिक या त्रैमासिक रूप से GSTR-1 दाखिल करना होगा। प्रत्येक पंजीकृत करदाता को रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।
आउटवार्ड सप्लाई क्या है?
आउटवार्ड सप्लाई का अर्थ है माल या सेवाओं या दोनों की बिक्री। यह निम्नलिखित के रूप में हो सकता है
- बिक्री
- ट्रांसफर
- बार्टर
- एक्सचेंज
- लाइसेंस
- रेंटल
- लीस या डिस्पोज़ल या कोई अन्य तरीका
GSTR-1 किसे दाखिल करना चाहिए?
एक कैजुअल पंजीकृत व्यक्ति ( casual registered person ) सहित प्रत्येक पंजीकृत करदाता को रिटर्न दाखिल करना चाहिए। हालांकि, निम्नलिखित व्यक्तियों को फाइल करने की आवश्यकता नहीं है:
- इनपुट सर्विस डिस्ट्रिव्यूटर
- नॉन रेसीडेंट
- कंपोजीशन योजना के तहत व्यक्ति द्वारा देय कर
- व्यक्ति जो स्रोत पर कर काटता है
- व्यक्ति जो स्रोत पर कर संग्रहीत करता है
आउटवार्ड सप्लाई (Outward Supply) का विवरण प्रस्तुत करने के लिए क्या फॉर्म है?
एक करदाता को GSTR-1 में इलेक्ट्रॉनिक रूप से (ऑनलाइन मोड) आउटवार्ड सप्लाई का विवरण प्रस्तुत करना होगा।
GSTR-1 की देय तिथियां (Due Dates)
एक करदाता को अगले महीने के 10 वें दिन या उससे पहले रिटर्न दाखिल करना होगा। दूसरे शब्दों में, करदाता किसी महीने का GSTR-1 रिटर्न अगले महीने की पहली और 10 तारीख के बीच कभी भी दाखिल कर सकता हैं।
उदाहरण के लिए, एक करदाता 10 नवंबर को या उससे पहले अक्टूबर महीने का विवरण दाखिल कर सकता है।
देय तिथियां(Due Dates) किसी व्यवसाय की कुल बिक्री पर निर्भर करती हैं।
● GSTR-1 देय तिथि जब टर्नओवर ₹1.5 करोड़ तक है
सरकार पिछले वित्तीय वर्ष या वर्तमान वित्तीय वर्ष में ₹1.5 करोड़ तक की कुल वार्षिक बिक्री वाले छोटे करदाताओं द्वारा तिमाही (यानी हर तीन महीने के बाद) GSTR-1 दाखिल करने की अनुमति देती है।
महीने (त्रैमासिक) |
GSTR-1 देय तिथि |
अक्टूबर 2020 से दिसंबर 2020 |
13 जनवरी 2021 |
जनवरी 2021 से मार्च 2021 |
13 अप्रैल 2021 |
अप्रैल 2021 से जून 2021 |
13 जुलाई 2021 |
नोट- इससे पहले तिमाही GSTR-1 रिटर्न दाखिल करना महीने के आखिरी दिन तक होता था।
● GSTR-1 की देय तिथि जब टर्नओवर ₹1.5 करोड़ से अधिक हो जाए
1.5 करोड़ रुपये से अधिक के कुल बिक्री मूल्य वाले करदाताओं को हर महीने GSTR-1 दाखिल करना होगा।
अवधि (मासिक) |
GSTR-1 देय तिथि |
अप्रैल 2021 |
11 मई 2021 |
मार्च 2021 |
11 अप्रैल 2021 |
फरवरी 2021 |
11 मार्च 2021 |
जनवरी 2021 |
11 फरवरी 2021 |
दिसंबर 2020 |
11 जनवरी 2021 |
नवंबर 2020 |
11 दिसंबर 2020 |
अक्टूबर 2020 |
11 नवंबर 2020 |
सितंबर 2020 |
11 अक्टूबर 2020 |
अगस्त 2020 |
11 सितंबर 2020 |
जुलाई 2020 |
11 अगस्त 2020 |
नोट- राज्य जीएसटी आयुक्त या आयुक्त को जीएसटीआर -1 दाखिल करने की तय तारीखों को बढ़ाने का अधिकार है।
GSTR-1 के विवरण क्या हैं?
- मूल और अन्य विवरण
- GSTIN (माल और सेवा कर पहचान संख्या)
- कानूनी नाम और व्यापार का नाम
- पिछले वर्ष में कुल बिक्री मूल्य
- कर अवधि
- एचएसएन वाइज़ - आउटवार्ड सप्लाई का समरी(summary)
- जारी किए गए दस्तावेजों का विवरण
- प्राप्त एडवांस/एडवांस एडजस्टेड
- आउटवार्ड सप्लाई का विवरण
- B2B (बिजनेस टू बिजनेस)
- B2C (बिजनेस टू कस्टमर)
- जीरो रेटेड और डीम्ड एक्सपोर्ट
- जारी किए गए डेबिट/क्रेडिट नोट
- शून्य रेटेड/छूट/गैर जीएसटी
- पिछली अवधि के लिए संशोधन
सरकार GSTR-1 में सप्लाई के स्थान (अर्थात वह स्थान जहाँ विक्रेता सामान बेचता है) से संबंधित जानकारी भरने के लिए भी कहता है, क्योंकि सप्लाई का स्थान प्रत्येक राज्य सरकार द्वारा एकत्र किए गए कर राजस्व में हिस्सा तय करने के लिए महत्वपूर्ण है।
GSTR-1 दाखिल करने का विवरण
एक करदाता को निम्नलिखित विवरण के साथ GSTR-1 दाखिल करना होगा:
इन्वाइस वाइज़ डिटेल्स - |
जब आप अपने व्यवसाय के लिए किसी व्यवसाय से सामान या किराने का सामान खरीदते हैं तो आपको टैक्स का चालान मिलता है और इसमें टैक्स की राशि का उल्लेख होता है।
उन बिक्री को करने वाले व्यक्ति के मामले में: 1. राज्य के भीतर या राज्य के बाहर किसी पंजीकृत व्यक्ति को उन वस्तुओं या सेवाओं को बेचने वाले करदाता को GSTR-1 में इनवॉइस डिटेल्स देना होगा। 2. अपंजीकृत व्यक्ति को उन वस्तुओं या सेवाओं को बेचने वाले करदाता को केवल इनवॉइस वैल्यू की रिपोर्ट करनी होगी, जहाँ 2.5 लाख रुपये से अधिक का माल राज्य के बाहर बिके हो । |
कॉनसोलीडेटेड डिटेल्स |
बिक्री करने वाले व्यक्ति को GSTR-1 में कुल बिक्री, कुल कर राशि का विवरण देना होता है, लेकिन चालान का विवरण नहीं देना होता है। यह फ़ॉर्म निम्नलिखित विवरण दिखाता है: 1. अपंजीकृत व्यक्तियों को राज्य के भीतर की गई बिक्री या सेवाओं का मूल्य। 2. अपंजीकृत व्यक्तियों को की गई 2.5 लाख तक की बिक्री का चालान मूल्य |
डेबिट और क्रेडिट नोट |
पंजीकृत और अपंजीकृत व्यक्तियों (विक्रेता और खरीदार) को बिक्री के समय जब भी आवश्यकता होती है तब ये नोट प्राप्त होते हैं। |
चालान अपलोड करना किसी व्यवसाय या ग्राहक को बेचे गए सामान पर निर्भर करता है। दूसरे शब्दों में, यह इस बात पर निर्भर करता है कि यह B2B लेनदेन है या B2C लेन-देन है और बिक्री राज्य के भीतर हुई या बाहर हुई है ।
B2B और B2C लेनदेन
●B2B लेन-देन
B2B ट्रांजैक्शन बिजनेस टू बिजनेस ट्रांजैक्शन हैं। इन लेन-देन में, GST के तहत पंजीकृत व्यवसाय किसी अन्य पंजीकृत व्यवसाय से सामान या सेवाएँ खरीदता है या किसी अन्य पंजीकृत व्यवसाय को सामान या सेवाएँ बेचता है।
● B2C लेन-देन
B2C लेन-देन बिजनेस टू कस्टमर लेन-देन हैं। इस तरह के लेन-देन में विक्रेता जीएसटी के तहत पंजीकृत होता है और सामान खरीदने वाला व्यक्ति ग्राहक और अपंजीकृत होता है।
चालान अपलोड करना
-
B2B बिक्री के मामले में, करदाता को सभी चालान अपलोड करने होंगे, भले ही व्यवसाय राज्य के भीतर या राज्य के बाहर किसी अन्य व्यवसाय को माल बेचता हो। यह दूसरे व्यवसाय को दिए गए चालान के आधार पर आईटीसी का दावा करने में मदद करता है।
- B2C बिक्री के मामले में, विक्रेता को इनवॉइस अपलोड करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि खरीददार (ग्राहक) आईटीसी नहीं लेगा।
- करदाता कर अवधि के दौरान किसी भी समय चालान अपलोड कर सकते हैं, न कि केवल GSTR-1 दाखिल करते समय।
GSTR-1 कैसे फाइल करें?
GSTR-1 फाइल करने के दो तरीके हैं:
विधि 1- ऑनलाइन तैयारी करें
- जब आप स्टेटमेंट दाखिल कर रहे होते हैं तो आपको एक पूर्ण इंटरनेट कनेक्शन की आवश्यकता होती है और जब आप GSTR-1 दाखिल कर रहे होते हैं, उस समय आपको खुद को GST पोर्टल में लॉग-इन रखना होता है। यह तरीका छोटे लेन-देन के लिए सबसे अच्छा है। करदाता को हर विवरण ऑनलाइन भरना होगा।
विधि 2- ऑफलाइन तैयारी करें
करदाता इस पद्धति का उपयोग तब कर सकते हैं, जब लेन-देन थोक में हों। करदाता को सभी विवरण भरने के लिए एक्सेल शीट का उपयोग करना होगा। एक बार भरने के बाद, शीट अपलोड करें और फिर स्टेटमेंट जमा करें और फाइल करें।
GSTR-1 ऑनलाइन फाइल करने के चरण
चरण 1: अपने लॉगिन विवरण के साथ जीएसटी पोर्टल में लॉग इन करें
चरण 2: निम्न स्क्रीन दिखाई देगी फिर रिटर्न (Returns) डैशबोर्ड विकल्प पर क्लिक करें
चरण 3: फाइनेंशियल ईयर और उस महीने का चयन करें, जिसके लिए आप रिटर्न दाखिल करना चाहते हैं।
चरण 4: फिर इसे ऑनलाइन तैयार करने के लिए GSTR-1 विकल्प पर क्लिक करें।
चरण 5: उनके संबंधित कॉलम में विवरण भरें।
चरण 6: अपने संबंधित कॉलम में सभी विवरण देने के बाद, generate summary विकल्प पर क्लिक करें और समरी जेनरेट होने की प्रतीक्षा करें।
चरण 7: अब एक बार फिर से डेटा की जांच करें और फिर सबमिट बटन पर क्लिक करें।
चरण 8: डेटा जमा करने के बाद, ऑप्शन फ़ाइल रिटर्न पर क्लिक करें और फिर निम्न स्क्रीन दिखाई देगी
चरण 9: रिटर्न दाखिल करने के लिए अधिकृत व्यक्ति के नाम का चयन करें।
फिर EVC ऑप्शन वाली फाइल पर क्लिक करें (रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजे गए ओटीपी को वेरीफाई करने के बाद आप रिटर्न फाइल कर सकते हैं)।
चरण 10: EVC ऑप्शन के साथ फाइल पर क्लिक करने पर नीचे स्क्रीन दिखाई देगी, पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरीफाई करें पर क्लिक करें। अब आपका रिटर्न सफलतापूर्वक दाखिल हो गया है।
GSTR-1 के विवरण में संशोधन (परिवर्तन) और गलतियों का सुधार
पिछले महीनों में फाइल किए गए GSTR-1 में डिटेल्स बदलना:
GSTR-1 रिटर्न के पेज पर GST पोर्टल पर डैशबोर्ड में टेबल प्रदान करता है, जहाँ आप पिछले महीनों में दाखिल किए गए प्रत्येक रिटर्न के लिए "अमेंडमेंट टेबल (amendment table)" देख सकते हैं।
आम तौर पर, ये टेबल ऐसे डिटेल्स दिखाती हैं :
- मूल डेबिट नोट
- मूल क्रेडिट नोट
- करदाता द्वारा जारी किए गए रिफंड वाउचर
- इसमें संशोधित डेबिट नोट, क्रेडिट नोट की जानकारी भी शामिल है
- दिए गए GSTR-1 के रिफंड वाउचर ।
उन संशोधन तालिकाओं में आप रिटर्न जमा करने तक ये सब बदल सकते हैं (जैसे कोई दस्तावेज़ शामिल करना ,जोरना या घटाना )। एक बार जमा करने के बाद आप रिटर्न वापस नहीं ले सकते हैं, लेकिन आप इसे दाखिल करते समय अमेंडमेंट टेबल में सही कर सकते हैं।
चालान में गलतियों का सुधार:
यदि आपको इनवॉइस में कोई गलती या डिटेल्स का डिलीशन मिलता है, तो आप उसे उस कर अवधि के दौरान ठीक कर सकते हैं जिसमें दाखिल रिटर्न में ऐसी गलती हुई थी।
उदाहरण के लिए, एक करदाता को सबमिट करने के बाद अगस्त महीने के लिए GSTR-1 में चालान के विवरण में गलती मिलती है तो वह अक्टूबर माह में GSTR-1 में उस गलती को सुधार सकता हैं।
GSTR-1 फाइल करने के बाद संशोधन कैसे करें?
चालान में संशोधन (बदलने) के लिए करदाता को नीचे दिए गए चरणों का पालन करना होगा
- जीएसटी पोर्टल में लॉग इन करें।
- फॉर्म GSTR-1 पर क्लिक करें।
- आपको प्रत्येक चालान के लिए अलग टैब मिलेगा।
- उस टेबल पर क्लिक करें जिसे आप अमेंडेड ऑप्शन के साथ संशोधित करना चाहते हैं।
- चालान, डेबिट नोट या क्रेडिट नोट में संशोधन करें।
- वित्तीय वर्ष और इनवॉइस नंबर को इनपुट करने के लिए एक स्क्रीन दिखाई देगी, जिसमें आप संशोधन करना चाहते हैं।
- आवश्यक विवरण भरें और अमेंड ऑप्शन पर क्लिक करें।
क्या त्रुटियों के सुधार के लिए कोई समय सीमा है?
मान लीजिए कि किसी कारण से आप अक्टूबर महीने के लिए GSTR-1 दाखिल करते समय सही नहीं कर पाए तो आप आने वाले महीनों में इस तरह के सुधार कर सकते हैं।
हालांकि, अधिकतम समय सीमा जिसके भीतर करदाता इस तरह के सुधार कर सकता है, नीचे दी गई है:
- वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद सितंबर के लिए मासिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि, जिससे इस तरह के विवरण संबंधित हैं या
- संबंधित वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की तिथि
क्या कोई करदाता GSTR-1 के चालान को अपलोड करने के बाद संशोधित कर सकता है?
हाँ, करदाता जीएसटीआर-1 जमा करने तक इनवॉइस को कितनी भी बार संशोधित कर सकते हैं। करदाता अपलोड किए गए चालान का विवरण ड्राफ्ट फ़ाइल में तब तक पा सकते हैं, जब तक वे GSTR-1 जमा नहीं करते। करदाता देय तिथि के बावजूद इसमें बदलाव कर सकता है।
GSTR-1 विलंब शुल्क और जुर्माना
विलंब शुल्क सरकार द्वारा जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में देरी के लिए ली जाने वाली राशि है। जब कोई करदाता जीएसटी रिटर्न दाखिल करने से चूक जाता है, तो सरकार देरी के प्रत्येक दिन के लिए विलंब शुल्क लेती है।
GSTR-1 लेट फाइलिंग फीस GSTR-1 फाइल नहीं करने पर ₹200 प्रति दिन है। सरकार GSTR-1 के लिए नियत तारीख के बाद की तारीख से फाइल करने की तारीख तक विलंब शुल्क लेती है।
सरकार ने मौजूदा महामारी की स्थिति को देखते हुए जीएसटीआर-1 लेट फीस कम करके करदाताओं को राहत दी है।
अब तक, सरकार द्वारा फरवरी 2021 तक की अधिसूचना के बाद, सरकार विलंब के प्रति दिन के 200 रुपये के बदले 50 रुपये प्रति दिन की दर से और शून्य रिटर्न के मामले में 20 रुपये के दर पर शुल्क ले रही है।
उदाहरण के लिए:
यदि किसी करदाता ने अगस्त 2020 के लिए जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं किया है, जिसके लिए तय तारीख 10 सितंबर 2020 थी और यदि करदाता 10 दिनों की देरी के बाद रिटर्न दाखिल करता है, तो जीएसटीआर-1 की देर से फाइल करने की फीस 10 दिनों की देरी से 10*200₹ = ₹2000 (अभी के लिए, सरकार घटी हुई दर यानी ₹50 लेती है इसलिए, 10*50₹= ₹500) होगी और यदि यह शून्य रिटर्न है तो विलंब शुल्क ₹20 है।
कुछ महत्वपूर्ण बिंदु
- एक करदाता को कोई व्यावसायिक गतिविधि न होने पर भी GSTR-1 दाखिल करने की आवश्यकता है। ऐसे में करदाता को निल रिटर्न दाखिल करना होता है।
- एक करदाता के रूप में, यदि आप GSTIN को स्वैच्छिक रूप (voluntary cancellation) से रद्द करते हैं तो आपको उस समय के लिए GSTR-1 दाखिल करना होगा, जब आप अपने व्यवसाय के साथ सक्रिय थे।
- ऐसे मामलों में जहां करदाता खुद को एक सामान्य करदाता से कंपोजीशन करदाता में परिवर्तित करते हैं, तो उन्हें सामान्य करदाता के रूप में उस समय के लिए केवल GSTR-1 दाखिल करना होगा।
निष्कर्ष
जीएसटी प्रणाली में सबसे महत्वपूर्ण चीजों में से एक है, रिटर्न और स्टेटमेंट को समय पर अपलोड करना और जमा करना। यदि आप कोई व्यवसाय चला रहे हैं, चाहे वह बड़ा हो या छोटा, GSTR-1 रिटर्न और संबंधित विवरणों से अवगत रहना महत्वपूर्ण है।