written by khatabook | July 11, 2021

भारत में बाइक पर GST के प्रभाव को समझें और 350cc तक 7000 रुपये बचाएं

GST के तहत एक समान कर ढांचे से ऑटोमोबाइल उद्योग में दोपहिया वाहन सहित विभिन्न क्षेत्रों को लाभ हुआ है। उदाहरण के लिए, पुराने टैक्स स्ट्रक्चर के तहत बाइक के लिए टैक्स की दर 30% थी, जबकि बाइक पर GST की दर केवल 28% है। हालांकि, 350cc से अधिक की इंजन क्षमता वाली मोटरसाइकिलों पर माल और सेवा कर प्रणाली के तहत 3% का अतिरिक्त उपकर (सेस) लगता है, जिससे इन बाइक्स पर कुल कर की दर 31% हो जाती है।

बाइक और अन्य दोपहिया वाहनों पर GST का प्रभाव

GST के आने के बाद बाइक की कीमत जैसे विभिन्न रॉयल एनफील्ड बाइक बुलेट 350, थंडरबर्ड 350 की में लगभग रु 3000/- से लेकर रु 7000/- की कमी हुई। 

GST के आने के बाद मोटरसाइकिल जिनकी इंजन क्षमता 350cc से ऊपर है, जैसे बजाज डोमिनर और KTM ड्यूक 390, उनकी कीमत प्रभावित हुई, लेकिन कुल मिलाकर GST के बाद बाइक की कीमत कम हो गई, क्योंकि पहले की कर प्रणाली में लगभग 28% से 35% की कर दर लगाई जाती थी।

बाइक पर GST लागू होने से ग्राहकों को कैसे फायदा हुआ?

जब सरकार ने 1 जुलाई 2017 को आधिकारिक तौर पर माल और सेवा कर प्रणाली लागू की तो बजाज ऑटो, रॉयल एनफील्ड जैसे कई प्रमुख निर्माताओं ने विभिन्न मॉडलों पर मूल्य छूट की पेशकश करके अपने ग्राहकों को कर की दर में कमी का लाभ दिया।

दोपहिया वाहनों की कीमतों पर GST का सकारात्मक असर बाइक्स की घटी कीमतों में देखा जा सकता है। बजाज ऑटो ने मोटरसाइकिलों पर लगभग रु 4500 की छूट की पेशकश की। हालांकि, मूल्य छूट की सटीक राशि मॉडल से मॉडल और उस स्थान या राज्य में भिन्न होती है, जहाँ ग्राहक ने बाइक खरीदी है। यह भारत में पहली बाइक निर्माण कंपनी थी, जिसने अपने ग्राहकों को इस तरह के मूल्य छूट लाभ की पेशकश की थी।

एक अन्य प्रमुख कंपनी, रॉयल एनफील्ड ने भी अपनी बाइक की ऑन-रोड कीमत में कमी करके अपने ग्राहकों को कर की दरों में कमी का लाभ दिया।

दोपहिया वाहनों की कीमतों पर GST का प्रभाव विभिन्न अन्य कंपनियों द्वारा अपने ग्राहकों को विभिन्न मॉडलों पर दी जाने वाली कीमतों में कटौती से स्पष्ट है। उनमें से कुछ इस प्रकार हैं:

  • हीरो मोटो कॉर्प ने बाइक के मॉडल और खरीद के स्थान/राज्य के आधार पर अपनी बाइक्स की कीमतों में 1800/- रुपये तक की कटौती की घोषणा की।
  • एक अन्य कंपनी, TVS ने भी अपने विभिन्न मॉडलों के लिए अपने ग्राहकों को दी जाने वाली कीमतों में 4150/- रुपये तक की कमी की है। यह मूल्य कटौती भी एक राज्य से दूसरे राज्य में भिन्न थी।
  • होंडा मोटरसाइकल एंड स्कूटर इंडिया ने विभिन्न मॉडलों पर अपनी बाइक और दोपहिया वाहनों की कीमतों में 5500 रुपये तक की कटौती की है।
  • सुजुकी मोटरसाइकिल इंडिया और यामाहा ने भी GST लागू होने के बाद अपने ग्राहकों को कम कर दर का लाभ देने के लिए अपनी बाइक की कीमतों में कमी की।

GST के बाद बाइक की कीमत सूची पर एक नजर:

बाइक/दोपहिया वाहन का नाम

GST से पहले का मूल्य 

GST के बाद का मूल्य 

Hero HF Deluxe 97.22 CC

Rs. 42,830/-

Rs. 41,545/-

Hero Splendor 97.22 CC

Rs. 48,280/-

Rs. 46,349/-

Hero Passion 97.22 CC

Rs. 52,605/-

Rs. 49,974/-

Honda CB Shine 124.7 CC

Rs. 56,268/-

Rs. 53,736/-

Hero Glamour 124.77 CC

Rs. 56,655/-

Rs. 54,389/-

Honda Dream Yuga 124.77 CC

Rs. 51,977/-

Rs. 50,418/-

Honda CB Unicorn 150 CC

Rs. 70,503/-

Rs. 68,388/-

Bajaj Pulsar 220 CC

Rs. 92,200/-

Rs. 88,512/-

Bajaj Platina 100 CC

Rs. 45,985/-

Rs. 44,606/-

Royal Enfield Classic 350 CC

Rs. 1,34,919/-

Rs. 1,30,197/-

क्या GST दोपहिया वाहनों के सर्विस चार्ज को भी प्रभावित करता है?

माल और सेवा कर प्रणाली ने न केवल उत्पादों की कीमत को प्रभावित किया बल्कि बाइक और दोपहिया वाहनों की सर्विसिंग के लिए लगाए गए कीमतों पर भी असर डाला है। सेवाओं पर उच्च कर दर ने GST से पहले के शुल्क की तुलना में ग्राहकों द्वारा भुगतान किए जाने वाले कुल सर्विस चार्ज में वृद्धि की। इसके अलावा, स्पेयर पार्ट्स और सर्विसिंग पर कर की दर से ग्राहकों से ली जाने वाली कुल सेवा लागत में वृद्धि हुई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर GST का क्या प्रभाव है?

वस्तु एवं सेवा कर प्रणाली के प्रारंभिक समय में  इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर की दर 12% थी। हालांकि 1 अगस्त 2019 से सरकार ने बाद में इसे घटाकर 5% कर दिया।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स की दर कम करने के कारण

1. इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने के लिए: सरकार ने ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ाने और इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ऐसा किया। इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता इलेक्ट्रिक मॉडल के लिए बाइक पर GST दरों में कटौती की मांग कर रहे थे। बढ़ी हुई कीमतों की वजह से संभावित ग्राहकों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीददारी का प्रतिशत कम रहा।

2. ग्राहकों के लिए किफायती बनाना: इलेक्ट्रिक वाहनों पर कर की दर को कम करने का सरकार का मुख्य उद्देश्य इन वाहनों को ग्राहकों के लिए अधिक किफायती बनाना और इलेक्ट्रिक वाहनों के पक्ष में उपभोक्ता के व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव लाना था।

3. उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ देना: इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए जीएसटी प्रणाली का एक फायदा यह है कि जिस लेनदेन मूल्य पर कर की गणना के लिए कर की दर लागू होती है, उसमें केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली सब्सिडी शामिल नहीं होती है। इसलिए  इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माता जो सरकार से सब्सिडी प्राप्त करते हैं, कर की लागत बचा सकते हैं और ग्राहकों को लागत बचत दे सकते हैं।

बाइक और दोपहिया उद्योग के समग्र व्यवसाय संचालन पर GST का प्रभाव

गुड्स एंड सर्विस टैक्स सिस्टम का प्रभाव न केवल बाइक और दोपहिया वाहनों की ऑन-रोड कीमतों और उनके सर्विसिंग शुल्क तक ही सीमित है, बल्कि इसने इस क्षेत्र में समग्र व्यापार संचालन को भी प्रभावित किया है। नई कर प्रणाली ने लेन-देन को अधिक सटीक और स्पष्ट बना दिया है, जिससे प्रक्रियाओं को सुचारू और समस्या  मुक्त बनाया गया है। इसके अलावा, नई कर प्रणाली की सहजता और खुलेपन ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों व्यवसायों को भारत में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया है।

बाइक और दोपहिया वाहनों पर GST के प्रभाव पर विशेषज्ञ की राय

हालांकि जीएसटी प्रणाली ने पुरानी प्रणाली के तहत 30% की कर की दर के मुकाबले 28% की कर दर की पेशकश की है, फिर भी कई विशेषज्ञों का मानना ​​है कि 28% की वर्तमान GST दर बाइक पर उचित नहीं है। अग्रणी ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग एग्जिक्यूटिव्स का कहना है कि बाइक्स को 28% की टैक्स स्लैब दरों के तहत रखना आम जनता के लिए उचित मानदंड नहीं है। उनकी नजर में बाइक लग्जरी कैटेगरी में नहीं आनी चाहिए।

उद्योग जगत के लोग बाइक पर अधिक जीएसटी कर की दर में कटौती की मांग क्यों कर रहे हैं?

  • उद्योग पर कोविड 19 महामारी का प्रतिकूल प्रभाव: कई ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ बाइक पर GST के तहत कर की दर को 28% से घटाकर 18% करने का सुझाव देते हैं, ताकि बाइक या दोपहिया वाहन आसानी से सस्ती हो सकें।
  • महामारी के दौरान सार्वजनिक परिवहन की अनुपलब्धता: कई स्थानों पर सार्वजनिक परिवहन अनुपलब्ध है या उपलब्ध होने पर भी चल रही महामारी की स्थिति के कारण उन्हें सुरक्षित नहीं माना जाता है। इसलिए सरकार को दोपहिया या बाइक पर लागू टैक्स की दर को कम करना चाहिए।
  • दोपहिया वाहनों पर जीएसटी की दरों को हानिकारक वस्तुओं के बराबर रखना न्यायोचित नहीं है: जैसा कि कई विशेषज्ञों ने कहा है, बाइक और दोपहिया वाहनों पर कर की दरों को लग्जरी के सामान और तंबाकू जैसी हानिकारक वस्तुओं पर लगाए गए दरों के बराबर रखना न्यायोचित मानदंड नहीं है। यह बिंदु विशेष रूप से सच है, जब लोग नौकरी और महामारी के कारण होने वाले आय संकट के कारण अधिक कीमत नहीं दे सकते हैं।
  • ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए नए नियमों और मानदंडों का परिचय: निर्धारित नियमों और मानकों का पालन करने के लिए निर्माताओं को वाहनों के निर्माण में महत्वपूर्ण बदलाव लाने होंगे। इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप उत्पादन की लागत में भी वृद्धि हुई है। ऐसा ही एक अनिवार्य सम्मिलन इंजन क्यूबिक के क्षमता के आधार पर सेफ्टी ब्रेकिंग सिस्टम जैसे CBS या ABS है। इसने निर्माण लागत में वृद्धि की और परिणामस्वरूप ग्राहकों को दी जाने वाली खुदरा कीमतों में भी वृद्धि हुई, जिससे दोपहिया या बाइक ग्राहक के लिए कम आकर्षक हो गए।
  • प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए नए उत्सर्जन मानदंड: 1 अप्रैल 2020 से नए उत्सर्जन मानदंड लागू थे। उन्होंने सभी कंपनियों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य कर दिया कि BS-6 इंजन के अनुरूप वाहनों का निर्माण किया जाए। नए उत्सर्जन मानदंडों को लागू करने के पीछे का उद्देश्य भारत में प्रदूषक उत्सर्जन के स्तर को कम करना और उन्हें यूरोपीय देशों और अमेरिका में उत्सर्जन मानकों के बराबर लाना था। हालांकि प्रौद्योगिकी के इस बदलाव ने अनुसंधान और विकास लागत, विनिर्माण, सप्लाई चेन मैनेजमेंट और अंत में खुदरा कीमतों में वृद्धि को बढ़ा दिया।

बाइक और दोपहिया वाहनों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट

माल और सेवा कर के प्रारंभ के समय, सभी मोटर वाहनों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की अनुमति नहीं थी। लेकिन 2018 में सरकार ने जीएसटी कानून के नए खंड में एक नया क्लॉज़ जोड़ा। इस नए क्लॉज़ में कहा गया है कि खरीददार 13 व्यक्तियों से कम बैठने की क्षमता वाले मोटर वाहनों पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं उठा सकते हैं, इसलिए बाइक और दोपहिया वाहनों पर कोई इनपुट टैक्स क्रेडिट उपलब्ध नहीं है।

इसलिए बाइक और दोपहिया वाहनों की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट की अनुमति नहीं है, जब तक कि इसका उपयोग विशिष्ट उद्देश्यों के लिए नहीं किया जाता है। विशिष्ट उद्देश्यों में से एक आगे की सप्लाई के लिए बाइक या दोपहिया वाहनों की खरीद है। इस प्रकार बाइक बेचने का व्यवसाय करने वाले डीलर या व्यापारी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा सकते हैं। इसलिए यदि आप व्यक्तिगत या कार्यालय उपयोग के लिए मोटरसाइकिल या दोपहिया वाहन खरीदते हैं, तो आपके लिए इनपुट टैक्स क्रेडिट प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध नहीं है।

निष्कर्ष:

पहले के कर ढाँचे में वाहन डीलर वाहनों के खरीद पर एक्साइज ड्यूटी, केंद्रीय बिक्री कर और अन्य करों के क्रेडिट का दावा नहीं कर सकते थे। इस प्रणाली ने डीलरों के लिए वाहनों के खरीद मूल्य को बढ़ा दिया, जो उन्होंने ग्राहकों से वसूल किया। इस प्रकार अंतिम ग्राहक को कर का बोझ सहन करना परता था, लेकिन GST कर प्रणाली के साथ डीलर, केंद्रीय माल और सेवा कर (CGST), राज्य माल और सेवा कर (SGST) और एकीकृत माल और सेवा कर (IGST) के क्रेडिट का पूरी तरह से लाभ ग्राहकों को आगे सप्लाई करने पर उठा सकते हैं, जो उनके द्वारा वाहनों की खरीद पर भुगतान किया जाता है। 

इसलिए माल और सेवा कर प्रणाली को शुरू करने से दोपहिया उद्योग पर अधिक सकारात्मक प्रभाव पड़ा। फिर भी वर्तमान परिवेश के अनुसार, सरकार को इस उद्योग को कोविड 19 के प्रभाव से उबरने में मदद करने के लिए बाइक और दोपहिया वाहनों पर लागू कर दरों में कमी करने की आवश्यकता है, जिसने इस उद्योग पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। इसलिए कर की दर कम करना दोपहिया उद्योग, ग्राहकों और पूरे देश के लिए मददगार हो सकता है।

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. 350cc के तहत बाइक के लिए GST दर क्या है?

350cc से कम की बाइक पर GST की दर 28% है।

2. क्या बाइक और दोपहिया वाहनों पर हर राज्य के लिए अलग-अलग टैक्स दर है?

नहीं, कोई अलग कर दरें नहीं हैं। GST के बाद पूरे देश में बाइक और दोपहिया वाहनों पर केवल एक ही कर दर लागू है। जीएसटी "एक राष्ट्र एक कर" के सिद्धांत पर आधारित है।

3. क्या मैं अपने निजी इस्तेमाल के लिए दोपहिया वाहन की खरीद पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा सकता हूँ?

नहीं, आप निजी इस्तेमाल के लिए खरीदे गए दोपहिया और बाइक पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ नहीं उठा सकते हैं।

4. इलेक्ट्रिक बाइक पर GST के तहत कर की दर क्या है?

फिलहाल इलेक्ट्रिक बाइक पर GST की दर 5 फीसदी है।

5. 350cc से अधिक इंजन क्षमता वाली बाइक और मोटरसाइकिल पर GST दर क्या है?

ऐसे वाहनों पर GST की दर 28% और 3% का अतिरिक्त कर (सेस) है। इस प्रकार 350cc से अधिक इंजन वाली बाइक और मोटरसाइकिल पर कुल कर की दर 31% है।

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