written by Keshav Sharma | June 10, 2021

टीडीएस रिफंड: टीडीएस रिफंड की मांग कैसे करें?

प्रस्तावना

टीडीएस (टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स) वह कर है, जो किसी व्यक्ति को भुगतान से पहले भुगतान राशि से काटा जाता है। 1961 के आयकर कानून के अनुसार, टीडीएस केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) द्वारा संगृहीत और प्रशासित किया जाता है। इसका प्रबंधन भारत राजस्व सेवा (आईआरएस) द्वारा किया जाता है और यह राजस्व विभाग का हिस्सा है। ऑडिट करते समय भी यह महत्वपूर्ण है। इसके अलावा, टीडीएस निम्नलिखित तरीकों से महत्वपूर्ण होता जा रहा है:

  • कर नियमित रूप से एकत्र किए जाते हैं और सरकारी आय के एक निरंतर साधन का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  • यह भुगतानकर्ता को भी लाभान्वित करता है, क्योंकि करों का चार्ज और कटौती हर महीने की जाती है, और वर्ष के अंत में कर का बोझ कम हो जाता है।
  • इसलिए इस प्रक्रिया को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है कि आयकर विभाग की सहायता के बिना करों को एकत्र किया जा सके।

टीडीएस रिफंड क्या है?

टीडीएस रिफंड तब होता है, जब कर कटौती की राशि, वित्तीय वर्ष के अंत में व्यक्ति की टैक्स लायबिलिटी (Tax liability) की राशि से अधिक होती है। इसकी गणना विभिन्न स्रोतों से अर्जित सभी आय को जोड़ने और टैक्स लायबिलिटी निर्धारित करने के बाद की जाती है। टैक्स लायबिलिटी के निर्धारण के बाद उसमें से टीडीएस घटा दिया जाता है और यदि टीडीएस वित्तीय वर्ष के लिए कुल टैक्स लायबिलिटी से अधिक है, तो उस स्थिति में टीडीएस रिफंड होता है।

विभिन्न प्रकार के भुगतान के लिए टीडीएस रिफंड

1.जब एंप्लॉयर (Employer) एक्चुअल टैक्स पेबल (actual tax payable )से अधिक कर काटता है:

  • जब एंप्लॉयर द्वारा काटे गए कर और एक्चुअल टैक्स पेबल के बीच कोई मेल नहीं होता है, तो आप अपना आयकर रिटर्न दाखिल कर सकते हैं और रिफंड का दावा कर सकते हैं।
  • आपको अपने खाते में रिफंड के लिए बैंक का नाम और IFSC कोड सहित बैंक विवरण प्रदान करना आवश्यक है।
  • यदि आपके पास टैक्सेबल इनकम नहीं है, तो आप ज्यूरिडिक्शन इनकम टैक्स ऑफिसर से Nil or lower टीडीएस सर्टिफिकेट के लिए आवेदन कर सकते हैं और टीडीएस कटौतीकर्ता को पारित आदेश जमा कर सकते हैं।

2. वरिष्ठ नागरिकों की फिक्स्ड डिपॉजिट्स (Fixed Deposits) पर टीडीएस रिफंड:

  • यदि आपकी आयु 60 वर्ष से अधिक है और आपके पास एक फिक्स्ड डिपॉजिट्स अकाउंट है, तो आप फॉर्म 15H भर सकते हैं और इसे बैंक में जमा कर सकते हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि फिक्स्ड डिपॉजिट्स से अर्जित ब्याज पर कोई टैक्स न कटे।
  • यदि बैंक द्वारा ब्याज आय पर कर की कटौती की जाती है, तो आप आयकर रिटर्न दाखिल करके रिफंड का दावा कर सकते हैं।

3. फिक्स्ड डिपॉजिट्स पर टीडीएस रिफंड:

  • यदि आपके पास कर योग्य आय नहीं है, तो आप वित्तीय वर्ष के अंत से पहले बैंक को फॉर्म 15G जमा कर सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि बैंक ब्याज भुगतान पर कर न काटे।
  • अगर बैंक अभी भी ब्याज आय पर कर काटता है, तो आप कर कटौती के क्रेडिट का दावा करने के लिए आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं। फिर यह आपके बैंक खाते में जमा हो जाता है।

टीडीएस रिफंड का दावा कैसे करें?

निम्नलिखित चरणों में टीडीएस रिफंड का दावा करने का तरीका जानें:

  • चरण 1: आयकर रिटर्न दाखिल करें, जहां कर कटौती देय कर से अधिक है।
  • चरण 2: बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड सहित बैंक विवरण प्रदान करें।
  • चरण 3: रिटर्न दाखिल करने के बाद आयकर अधिकारी आपके रिटर्न को प्रोसेस(Process) करता है और रिफंड कुछ महीनों के भीतर आपके बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।

टीडीएस रिफंड ऑनलाइन क्लेम कैसे करें?

आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके अपने टीडीएस रिफंड का ऑनलाइन दावा कर सकते हैं:

  • चरण 1: आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट incometaxindiaefiling.gov.in पर जाएं और पोर्टल पर अपना पंजीकरण करें।

  • चरण 2: लॉगिन विवरण का उपयोग करके पोर्टल पर लॉग इन करें।

  • चरण 3: आप पर लागू उचित आईटीआर दर्ज करें और फॉर्म पर आवश्यक उचित विवरण प्रदान करें।
  • चरण 4: आईटीआर दाखिल करने के बाद एक पावती(acknowledgement) उत्पन्न होती है, जिसे डिजिटल हस्ताक्षर, आधार-आधारित ओटीपी(OTP) या नेट बैंकिंग खाते का उपयोग करके ई-सत्यापित किया जाना चाहिए।

टीडीएस रिफंड पाने में कितना समय लगता है?

यदि आपने समय पर अपना आयकर रिटर्न दाखिल किया है, तो आमतौर पर रिफंड प्राप्त करने में तीन से छह महीने लगते हैं। यह रिटर्न के ई-वेरिफिकेशन के पूरा होने पर भी निर्भर करता है।

टीडीएस रिफंड की ऑनलाइन स्थिति की जांच कैसे करें?

आप नीचे दिए गए चरणों का पालन करके टीडीएस रिफंड की स्थिति की जांच कर सकते हैं:

  • चरण 1: ई-फाइलिंग वेबसाइट पर जाएं और जन्मतिथि/इनकॉरपोरेशन की तारीख, यूजर आईडी, पासवर्ड और कैप्चा का उपयोग करके अपने खाते में लॉग इन करें।

  • चरण 2: ‘My account’ पर जाएँ।
  • चरण 3: 'refund/demand’ status चुनें।
  • चरण 4: रीजन,असेसमेंट ईयर, स्टेटस, मोड ऑफ पेमेंट(reason, assessment year, status and mode of payment) प्रदर्शित होता है।

टीडीएस रिफंड की स्थिति कैसे वेरीफाई (Verify) करें?

अगर आपको रिफंड नहीं मिला है, तो आप अपने फॉर्म 26AS को अपने टीडीएस विवरण और आय विवरण के साथ डाउनलोड और वेरीफाई करके स्टेटस को वेरीफाई कर सकते हैं। आप अपने पैन नंबर, फॉर्म 16, बैंक स्टेटमेंट, आपके बैंक द्वारा जारी टीडीएस सर्टिफिकेट और आपके निवेश और कमाई को दर्शाने वाले अन्य दस्तावेजों सहित विवरण के साथ अपने ज्यूरिडिक्शन इनकम टॅक्स ऑफिसर या लोकपाल आयकर विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं। या आप ई-फाइलिंग खाते के माध्यम से भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

टीडीएस रिफंड पर ब्याज

यदि टीडीएस दी गई समय अवधि के भीतर वापस नहीं किया जाता है, तो आयकर विभाग आयकर अधिनियम की धारा 244A के प्रावधानों के अनुसार लागू 6% की दर से वापसी राशि पर साधारण ब्याज का भुगतान करता है।

टीडीएस रिफंड राशि 10% से कम है या इनकम टैक्स पेबल (Income tax payble) है, तब आयकर विभाग को रिफंड राशि पर ब्याज का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है। यदि आईटीआर देय तिथि के भीतर दाखिल किया जाता है तो ब्याज निर्धारण वर्ष के पहले महीने से अर्जित होता है और अन्य मामले में रिटर्न दाखिल करने की तारीख से।

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 244A के प्रावधानों के अनुसार, "जहां इस अधिनियम के तहत निर्धारित (Assessee) को किसी भी राशि का रिफंड देय हो जाता है वह उक्त राशि के अतिरिक्त, उस राशि पर निम्नलिखित तरीके से साधारण ब्याज प्राप्त करने का हकदार होगा,अर्थात:

  • जहां रिफंड निर्धारण वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष के दौरान, धारा 206C के तहत टीसीएस, एडवांस टैक्स का भुगतान, धारा 199  के तहत भुगतान की वजह से हो, वहा इस तरह के ब्याज की गणना हर महीने या अवधि में शामिल महीने के हिस्से के लिए 1.5% की दर से ,
  • निर्धारण वर्ष के अप्रैल के 1 दिन से उस तारीख तक जिस पर रिफंड प्रदान की जाती है यदि आय की विवरणी धारा 139 की उप-धारा (1) के तहत निर्दिष्ट नियत तारीख को या उससे पहले प्रस्तुत की गई है; या
  • आय की विवरणी प्रस्तुत करने की तारीख से उस तारीख तक जिस पर रिफंड प्रदान की जाती है, की जाएगी:
  • जहा रिफंड धारा 140 A की तहत टैक्स भुगतान की वजह से हो, वहाँ इस तरह के ब्याज की गणना इनकम टैक्स फाइल करने या कर के भुगतान की तिथि से, जो भी बाद में हो, हर महीने या अवधि में शामिल महीने के हिस्से के लिए 1.5% की दर से की जाएगी:
  • बशर्ते कि कोई ब्याज नहीं मिलेगा यदि रिफंड की राशि धारा 143 की उप-धारा (1) के तहत या रेगुलर असेसमेंट पर निर्धारित कर से दस प्रतिशत से कम है;
  • किसी अन्य मामले में, इस तरह के ब्याज की गणना हर महीने या महीने के हिस्से के लिए कर या दंड के भुगतान की तिथियां से लेकर जिस तारीख को रिफंड दिया जाता है, तब तक के लिए डेढ़ प्रतिशत की दर से की जाएगी

ऐसे मामले जहा रिफंड धारा 250 /254/260/262/263/264 के तहत  मिलता है  तो Assessee को उप धारा 1 के ब्याज के साथ 3% प्रतिवर्ष की दर से और अतिरिक्त ब्याज धारा 153 की उपधारा 5 के तहत अनुमत समय की समाप्ति तारीख के बाद की तारीख से लेकर जिस तारीख को रिफंड मिलता हैं, तक ब्याज मिलेगा।

  • जहां केंद्र सरकार को अध्याय XVII-B के तहत भुगतान की गई किसी भी राशि के संबंध में किसी भी राशि की रिफंड डीडक्टर के कारण हो जाती है वह डिटेक्टर उस रिफंड राशि के साथ 1.5% की दर से साधारण ब्याज का हकदार होगा उस तारीख से जिसमे
  • वापसी का दावा निर्धारित प्रपत्र में किया जाता है
  • कर का भुगतान किया जाता है, जहां रिफंड धारा 250 या धारा 254 या धारा 260 या धारा 262 के तहत मिले उससे लेकर रिफंड मिलने की तारीख तक।
  • यदि निर्धारित या कटौतीकर्ता, के कारणों से रिफंड के होने वाली कार्यवाही में देरी हो रही है, चाहे पूर्ण या आंशिक रूप से, उससे संबंधित देरी की अवधि को उस अवधि से बाहर रखा जाएगा जिसके लिए ब्याज देय है।और उससे जुड़े प्रश्नों पर फैसला प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर या चीफ कमिश्नर या प्रिंसिपल कमिश्नर या कमिश्नर करेगा जो फाइनल होगा।

विभिन्न रिफंड स्टेटस दिखाई गई

बहुत तरह के टीडीएस रिफंड स्टेटस होते है। जिनका नीचे उल्लेख किया गया है।

  • No e-filing has been done in this assessment year.
  • Refund paid.
  • ITR processed.
  • Refund unpaid.
  • Demand determined.
  • Not determined.
  • No demand, no refund.
  • Refund determined and sent out to the Refund banker.
  • Contact Jurisdictional Assessing officer.
  • Rectification processed refund determined and sent out to Refund Banker.
  • Rectification processed demand determined.
  • Rectification processed No demand no refund.

विलंब की स्थिति में शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

यदि आपको आईटीआर के लिए आवेदन करने के बाद भी रिफंड नहीं मिला है या टीडीएस रिफंड में देरी हो रही है तो आप अपने ज्यूरिडिक्शन इनकम टॅक्स ऑफिसर के साथ डिस्प्यूट दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आपको निम्नलिखित विवरण और दस्तावेज प्रदान करने होंगे:

  • आपका पैन नंबर
  • फॉर्म 16
  • बैंक स्टेटमेंट
  • आपके निवेश और आय को दर्शाने वाले दस्तावेज़
  • आपके बैंक द्वारा जारी किया गया टीडीएस सर्टिफिकेट

निष्कर्ष

यदि आपकी इनकम टेक्स लायबिलिटी भुगतानकर्ता द्वारा काटे गए टीडीएस से कम है, तो आप ऊपर उल्लिखित प्रक्रिया का पालन करके अपने टीडीएस रिफंड का दावा कर सकते हैं। आप आसानी से आईटीआर दाखिल करके या फॉर्म 15G/15H जमा करके टीडीएस रिफंड का दावा कर सकते हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भुगतान करते समय भुगतानकर्ता कर में कटौती न करे।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

मैं अपनी आय से भुगतानकर्ता द्वारा काटे गए टीडीएस की राशि को कैसे जान सकता हूँ?

आप अपने ई-फाइलिंग खाते से incometaxindiaefiling.gov.in पर फॉर्म 26AS को देखकर काटे गए टीडीएस की राशि की जांच कर सकते हैं। आप भुगतानकर्ता से उसके द्वारा काटे गए कर के संबंध में टीडीएस सर्टिफिकेट प्रस्तुत करने के लिए भी कह सकते हैं।

अगर काटा गया टीडीएस, टीडीएस फॉर्म 26AS में नहीं दिखता है तो मुझे क्या करना चाहिए?

यदि आपके फॉर्म 26AS में टीडीएस क्रेडिट दिखाई नहीं दे रहा है, तो आपको अपने भुगतानकर्ता से संपर्क करना चाहिए। यह कई कारणों से हो सकता है जैसे भुगतानकर्ता द्वारा टीडीएस स्टेटमेंट फाइल में कटौतीकर्ता के गलत पैन को उल्लेख करना, भुगतानकर्ता द्वारा टीडीएस स्टेटमेंट दाखिल न करना।

क्या मैं अपने टीडीएस रिफंड का दावा कर सकता हूं, भले ही मुझे डिटेक्टर से टीडीएस सर्टिफिकेट नहीं मिला हो?

हाँ, आप फॉर्म 26AS में दर्शाए गए विवरण के अनुसार, अपने टीडीएस रिफंड का दावा कर सकते हैं। यदि आपको डीडक्टर से टीडीएस सर्टिफिकेट प्राप्त नहीं होता है तो आप फॉर्म 26AS में दर्शाए गए विवरण के अनुसार रिफंड का दावा कर सकते हैं।

क्या मैं टीडीएस रिफंड ऑफलाइन क्लेम कर सकता हूं?

नहीं, आप टीडीएस रिफंड के लिए ऑफलाइन आवेदन नहीं कर सकते। आपको आधिकारिक साइट पर धनवापसी के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

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