written by khatabook | June 15, 2021

ऑनलाइन टीडीएस (TDS) का भुगतान कैसे करें ?

स्रोत पर कर कटौती (TDS) एक ऐसा कर है, जहांँ भुगतानकर्ता को भुगतान के समय एक निर्दिष्ट प्रतिशत पर कर की कटौती या संग्रह करना होता है और इसे सरकार को जमा करना होता है। यह भारत सरकार द्वारा आय, आय के वितरण, संपत्ति की बिक्री पर कर एकत्र करने का एक साधन है।

स्रोत पर कर कटौती (TDS), आयकर अधिनियम 1961(Income Tax Act , 1961) के अनुसार काटा और जमा किया जाता है।

आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत आने वाला कोई भी भुगतान आयकर अधिनियम, 1961 के तहत निर्दिष्ट दर पर टीडीएस की कटौती के बाद किया जाएगा। इसका प्रबंधन केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) द्वारा किया जाता है और यह भारतीय राजस्व सेवा (IRS) द्वारा प्रबंधित राजस्व का हिस्सा है।

 इस लेख में, हम निम्नलिखित पर चर्चा करेंगे:

  • स्रोत पर काटे गए आयकर (TDS) के उद्देश्य
  • टीडीएस की प्रयोज्यता
  • टीडीएस में टैन (TAN) क्या है?
  • टैन के आवेदन की प्रक्रिया
  • टीडीएस भुगतान ऑनलाइन कैसे करें
  • टीडीएस भुगतान ऑनलाइन करने के लाभ
  • टीडीएस के भुगतान की समय सीमा
  • टीडीएस के भुगतान में देरी
  • टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख
  • टीसीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख
  • टीडीएस रिटर्न फॉर्म
  • टीडीएस रिटर्न देर से दाखिल करना

स्रोत पर काटे गए (TDS) आयकर के उद्देश्य

भारत में लोगों और संगठनों द्वारा अर्जित आय वित्तीय वर्ष के अंत में कर के भुगतान के लिए उत्तरदायी है। यदि आय पर कर केवल वर्ष के अंत में लगाया जाए, तो सरकार के लिए खर्चों का प्रबंधन करना और सरकार चलाना बहुत मुश्किल होगा। इसलिए, ऐसी स्थितियों से बचने के लिए, भारत सरकार स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) की प्रणाली लेकर आई। टीडीएस तंत्र भारत सरकार की मदद करता है ,जैसे:

कर की चोरी को रोकना: टीडीएस को शुरुआत में लेने से सरकार को बिना किसी देरी के भुगतान के समय देय कर का एक हिस्सा प्राप्त करने में मदद करती है और यह सुनिश्चित करती है कि लोग अपनी कुल आय को छिपाएं नहीं और कर के गैर भुगतान को कम करने में भी मदद करें। 

राजस्व का स्थिर स्रोत: टीडीएस निवासियों द्वारा उस महीने के अंत के बाद के महीने में देय होता है, जिसमें स्थितिनुसार भुगतान देय हो या भुगतान किया जाता है। यह पूरे वित्तीय वर्ष में सरकार को राजस्व का एक स्थिर स्रोत प्रदान करता है।

कर का समय पर संग्रह: टीडीएस प्रणाली सरकार के लिए कर के समय पर संग्रह में मदद करती है। 

टैक्स रिटर्न फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना: जिन करदाताओं का टीडीएस (TDS) काट लिया गया है और उनकी आय का कोई अन्य स्रोत नहीं है, उन्हें अपना टैक्स रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।

करदाताओं के लिए सुविधाजनक: एक महीने में वार्षिक कर का भुगतान वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए कठिन हो सकता है, लेकिन हर महीने उनके वेतन से टीडीएस कटने से उनके बोझ को कुछ हद तक कम कर देता है।

टीडीएस की प्रयोज्यता

टीडीएस केवल वेतन आय पर लागू होता है, बल्कि इसे निर्धारिती की विभिन्न अन्य आय पर भी लागू किया जा सकता है। कुछ परिदृश्य जहां टीडीएस लागू होता है, जैसा कि नीचे बताया गया है:

  • प्रतिभूतियों  पर ब्याज के रूप में आय
  • प्रतिभूतियों पर ब्याज आय के अलावा विभिन्न स्रोतों से प्राप्त ब्याज के रूप में आय
  • लाभांश आय
  • निर्दिष्ट अवधि से पहले या निर्दिष्ट सीमा से अधिक ईपीएफ(EPF) राशि की निकासी
  • ठेकेदारों, जॉब वर्कर्स आदि को भुगतान
  • पेशेवरों को उनकी सेवाओं के लिए भुगतान
  • लॉटरी, घुड़दौड़, पहेली आदि से जीत
  • ब्रोकरेज, कमीशन आदि का भुगतान
  • अचल संपत्ति की बिक्री
  • किराया, रॉयल्टी आय, आदि।

टीडीएस में टैन क्या है ?

  • TAN आयकर विभाग द्वारा निर्दिष्ट व्यक्तियों को किए गए भुगतान पर कर कटौती के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को जारी की जाने वाली कर कटौती और संग्रह संख्या है।
  • यह दस अंकों की अक्षरांकीय (अल्फ़ान्यूमेरिक) संख्या है, जिसका आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203 A के अनुसार सभी टीडीएस रिटर्न, भुगतान, संबंधित दस्तावेजों और आयकर विभाग के साथ किसी भी अन्य संचार में उल्लेख किया जाना अनिवार्य है। टैन का उल्लेख नहीं करने पर 10,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।

        ध्यान देने योग्य महत्वपूर्ण बिंदु:

  • अधिकांश लोग TAN और PAN को एक ही दस्तावेज़ के रूप में मानते हैं और यह तर्क देते हैं कि उनका परस्पर उपयोग किया जा सकता है, जो एक सही धारणा नहीं है।
  • करदाता जो टीडीएस कटौती के लिए जिम्मेदार हैं, उनके पास पैन होने के बावजूद टैन होना अनिवार्य है। केवल अचल संपत्ति की बिक्री/खरीद के मामले में TAN की आवश्यकता नहीं है। टीडीएस के भुगतान के लिए कोई भी व्यक्ति अपने पैन का उपयोग कर सके

टैन के लिए आवेदन की प्रक्रिया

टैक्स डिडक्शन एंड कलेक्शन नंबर (TAN) के लिए आवेदन सरल है और इसे NSDL वेबसाइट पर फॉर्म 49B में ऑनलाइन किया जा सकता है।

टीडीएस कटौती

  • आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 192 के प्रावधानों के अनुसार, टीडीएस की कटौती वेतन के वास्तविक भुगतान के समय की जानी चाहिए कि जब देय हो

  • यदि वेतन का अग्रिम भुगतान किया जाता है, तो वेतन के भुगतान के समय टीडीएस कटौती की जानी चाहिए।
  • अन्य सभी मामलों में टीडीएस कटौती क्रेडिट या भुगतान के समय जो भी पहले हो, उस समय की जानी चाहिए

ऑनलाइन टीडीएस का भुगतान कैसे करें?

टीडीएस का भुगतान ऑनलाइन करने की प्रक्रिया नीचे सूचीबद्ध है:

चरण1 : कर के ई-भुगतान के लिए https://onlineservices.tin.egov-nsdl.com/etaxnew/tdsnontds.jsp पर जाएं।

चरण 2 : टीडीएस/टीसीएस अनुभाग में चालान संख्या/आईटीएनएस 281 (Challan No./ ITNS 281) पर क्लिक करें। यह आपको ई-पेमेंट (e- payment) पेज पर ले जाएगा।

चरण 3- निम्नलिखित विवरण दर्ज करें

  • यदि आप किसी कंपनी को भुगतान कर रहे हैं, तो ' टैक्स एप्लीकेबल’ के अंतर्गत 'कंपनी डिडक्टीज़' को चुनें। यदि आप किसी कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को भुगतान कर रहे हैं, तो ‘नॉन-कंपनी डिडक्टीज़’ को चुनें
  • करदाता द्वारा देय (200) टीडीएस/टीसीएस चुनें, यदि टीडीएस/टीसीएस एक नियमित लेनदेन है। यदि आयकर अधिकारियों द्वारा की गई मांग के लिए भुगतान किया जाता है, तो (400) टीडीएस/टीसीएस नियमित मूल्यांकन का चयन करें।
  • ड्रॉपडाउन सूची से ' भुगतान की प्रकृति’ चुनें।
  • टीडीएस/टीसीएस के भुगतान के तरीके का चयन करें
  • टैन दर्ज करें और उस निर्धारण वर्ष का चयन करें, जिसके लिए भुगतान किया गया है।
  • फ्लैट नंबर, जिला, राज्य, पिन कोड, ईमेल-आईडी और मोबाइल नंबर जैसे विवरण दर्ज करें।
  • कैप्चा दर्ज करें। फिर, ‘आगे बढ़ना’  बटन पर क्लिक करें।

चरण 4 - पुष्टि के लिए आपके डेस्कटॉप पर एक स्क्रीन प्रदर्शित होगी, इसे सबमिट करें। यदि टैन वैध है तो निर्धारिती का पूरा नाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा।

चरण 5- सफल पुष्टि होने पर, साइट आपको आपके बैंक की नेट बैंकिंग साइट पर ले जाएगी

चरण 6- फिर यूजर-आईडी और पासवर्ड का उपयोग करके अपने बैंक खाते में लॉगिन करें और भुगतान करें

चरण 7 - कर के सफल भुगतान के बाद, आपकी स्क्रीन पर एक चालान काउंटरफॉइल दिखाई देगा जिसमें CIN, बैंक का नाम जैसे विवरण होंगे। इस काउंटरफ़ोइल को अपने डेस्कटॉप पर सेव कर लें, क्योंकि यह भुगतान का प्रमाण है।

टीडीएस भुगतान ऑनलाइन करने के लाभ

  • यह सुविधा करदाताओं के लिए चौबीसों घंटे उपलब्ध है। करदाता कभी भी, कहीं से भी भुगतान कर सकता है।

  • करदाता के लिए किसी भी समय कहीं से भी टीडीएस भुगतान ऑनलाइन करना सुविधाजनक है।
  • करदाताओं को तुरंत ऑनलाइन टीडीएस भुगतान की पावती मिल जाती है।
  • यह करदाता की कागजी कार्रवाई को कम करता है, क्योंकि पावती को कंप्यूटर उपकरणों पर संग्रहीत किया जा सकता है।
  • यह पर्यावरण के लिए बेहतर है, क्योंकि कागज का उपयोग न्यूनतम है।

टीडीएस के भुगतान की समय सीमा

टीडीएस के भुगतान की समय सीमा नीचे दी गई है

वह महीना जिसके लिए टीडीएस भुगतान किया जाना है

टीडीएस के भुगतान की देय तिथि

अप्रैल से फरवरी

अगले महीने की 7 तारीख, जिसमें टीडीएस काटा जाना है

मार्च 

30 अप्रैल

टीडीएस के भुगतान में देरी

  • आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 201(1A) के अनुसार, यदि कोई निर्धारिती,कटौती करने वाले को भुगतान करने पर टीडीएस काटने में विफल रहता है, तो वह टीडीएस का भुगतान करने के लिए प्रति माह 1% या महीने के हिस्से पर ब्याज के साथ उत्तरदायी होगा। 

  • जबकि, टीडीएस कटौती के बाद सरकार को टीडीएस जमा करने में विफलता पर टीडीएस की वास्तविक कटौती की तारीख से 1.5 % प्रति माह या महीने के हिस्से पर ब्याज लगेगा।

टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तिथियां

टीडीएस रिटर्न हर तिमाही में दाखिल करना आवश्यक है और टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख संबंधित तिमाही की समाप्ति के बाद महीने की 30 तारीख है। हालांकि, अंतिम तिमाही यानी जनवरी से मार्च के लिए टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख 31 मई है।

तिमाही(quarter)

टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख

अप्रैल से जून

31जुलाई

जुलाई से सितंबर

31 अक्टूबर

अक्टूबर से दिसंबर

31 जनवरी

जनवरी से मार्च

31 मई

टीसीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तिथियां

  • टीसीएस रिटर्न हर तिमाही में होना आवश्यक है और टीसीएस रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख संबंधित तिमाही की समाप्ति के बाद महीने की 15 तारीख है।
  • हालांकि, अंतिम तिमाही यानी जनवरी से मार्च के लिए टीसीएस रिटर्न दाखिल करने की नियत तारीख 15 मई है।

तिमाही(quarter)

टीसीएस रिटर्न दाखिल करने कि तय तारीख

अप्रैल से जून

15 जुलाई

जुलाई से सितंबर

15 अक्टूबर

अक्टूबर से दिसंबर

15 जनवरी

जनवरी से मार्च

15 मई


टीडीएस रिटर्न फॉर्म

फॉर्म 24Q: वेतन से की गई टीडीएस कटौती के लिए कटौतीकर्ता द्वारा इस फॉर्म को प्रस्तुत करना आवश्यक है।

फॉर्म 26Q: यह फॉर्म कटौतीकर्ता द्वारा वेतन के अलावा अन्य भुगतानों से की गई कटौती के लिए प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

फॉर्म 27Q: यदि करदाता ने टीडीएस काटने के बाद एनआरआई को भुगतान किया है, तो यह एक फॉर्म है जिसे करदाता द्वारा प्रस्तुत किया जाना है।

फॉर्म 27EQ: यह एक त्रैमासिक रिटर्न फॉर्म है, जिसे करदाता द्वारा टीसीएस एकत्र करने की स्थिति में दाखिल करना आवश्यक है।

फॉर्म 27A: यह फॉर्म टीडीएस/टीसीएस रिटर्न दाखिल करते समय तिमाही विवरण के साथ संलग्न किया जाता है।

टीडीएस रिटर्न देर से दाखिल करना

  • आयकर अधिकनियम, 1961 की धारा 234ई के अनुसार, यदि कोई निर्धारिती निर्धारित समय सीमा के भीतर टीडीएस रिटर्न प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो 200 रुपये प्रतिदिन दंड के रूप में देना होगा, जब तक रिटर्न जमा नहीं होता। हालांकि, दंड की कुल राशि एकत्रित टीडीएस की कुल राशि से अधिक नहीं होगी।
  • टीडीएस रिटर्न दाखिल करने की तय तारीख से एक वर्ष से अधिक टीडीएस रिटर्न दाखिल करने में देरी के मामले में रुपये का जुर्माना 10,000 से रु. 1,00,00 तक लगाया जा सकता है। 

निष्कर्ष

हमें उम्मीद है कि आप टीडीएस की अवधारणा, टीडीएस कटौती के उद्देश्य, टीडीएस में टीएएन क्या है, और टीडीएस भुगतान ऑनलाइन कैसे करें, और संबंधित विवरण समझ गए होंगे। टीडीएस का भुगतान ऑनलाइन करना आसान और सरल है और एक बटन के क्लिक पर किया जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1.क्या टीडीएस भुगतान ऑनलाइन करने के लिए टैन अनिवार्य है?

हाँ, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 203A के अनुसार, करदाता को सभी TDS-संबंधित दस्तावेजों पर TAN का उल्लेख करना चाहिए।

2.क्या होगा यदि मैंने टीडीएस भुगतान करते समय गलती से गलत टैन उल्लेख कर दिया?

कर विभाग चालान में सुधार करने की अनुमति देता है, क्योंकि भुगतान करते समय लिपिकीय त्रुटियां संभव हैं। ट्रेस के माध्यम से चालान में सुधार किया जा सकता है।

3. क्या मैं टीडीएस भुगतान कर चालान ऑनलाइन देख सकता हूँ?

हाँ, TIN- NSDL पर जाकर चालान की स्थिति की जांच की जा सकती है। एक करदाता अपने चालान जमा की निगरानी कर सकता है और इसलिए अपने कर से संबंधित भुगतान विवरण को सत्यापित कर सकता है।

4. Nil TDS Challan कैसे बनाया जा सकता है?

कटौतीकर्ता को राशि कॉलम में 'शून्य' दर्ज करना होगा और चेक/डीडी नंबर फ़ील्ड को खाली छोड़ना होगा।

5. ऑनलाइन टीडीएस जमा करने की समय सीमा क्या है?

टीडीएस कटौती के महीने के बाद महीने की 7 तारीख के भीतर करदाता द्वारा टीडीएस जमा किया जाना चाहिए। हालांकि, मार्च के लिए टीडीएस 30 अप्रैल तक जमा किया जाना है। इसके अलावा, अचल संपत्ति के किराए और खरीद पर टीडीएस उस महीने के अंत से 30 दिनों के भीतर जमा किया जाना है जिसमें टीडीएस काटा गया है।

6. मैं अपने टीडीएस काटे गए स्टेटस की ऑनलाइन जांच कैसे कर सकता हूं?

https://incometaxindiaefiling.gov.in/ पर लॉग इन करें। मॉय अकाउंट टैब के तहत 26AS देखें पर क्लिक करें। फिर, फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए वित्तीय वर्ष और पीडीएफ फॉर्मेट का चयन करें और फिर आगे बढ़े बटन पर क्लिक करें। डाउनलोड की गई फ़ाइल खोलें। Form 26 AS  खोलने के बाद आपको कुल आय के बारे में सारी जानकारी मिल जाएगी, जिस पर टीडीएस काटा जाता है और आपके खाते में टीडीएस जमा किया जाता है

7. मैं ट्रेस वेबसाइट से 26AS कैसे डाउनलोड कर सकता हूX?

 ई-फाइलिंग वेबसाइट पर लॉग इन करें। यूजर आईडी, पासवर्ड, जन्म तिथि / निगमन की तारीख दर्ज करें और फिर कैप्चा दर्ज करें। फिर 'माई अकाउंट' टैब के तहत ड्रॉप-डाउन सूची से "फॉर्म 26AS (टैक्स क्रेडिट) देखें" चुनें

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