written by khatabook | July 22, 2021

2020-21 के लिए ऑनलाइन इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

आयकर विभाग का वार्षिक रिटर्न दाखिल करना आमतौर पर ऑनलाइन मोड में किया जाता है और इसलिए जमा करने, रिफन्ड और रिफन्ड की स्थिति के लिए ITR स्टेटस पर नज़र रखना आवश्यक है।

इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस कैसे चेक करें?

करदाता IT पोर्टल पर 'रिफंड स्टेटस' टैब का उपयोग करके ITR जमा होने के 10 दिन बाद एक सरल प्रक्रिया में रिफंड की स्थिति को ट्रैक कर सकता हैं और फिर उनके रिफंड को प्रोसेस कर उनको भेजा जाता है। इसके लिए आप ड्रॉपडाउन बॉक्स से अपना पैन नंबर और असेसमेंट ईयर डालें और रिफंड की स्थिति का पता लगाएं।

जैसा की नीचे दिखाया गया है, आयकर विभाग के विवरण पर इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस की जांच कैसे करें, इसका विवरण प्राप्त करें:

1. इनकम टैक्स की वेबसाइट https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर रिफंड स्टेटस पर जाएं।

2. पैन या परमानेंट अकाउंट नंबर (PAN) दर्ज करें

3. 2018-2019, 2019-2020 के लिए रिफन्ड की स्थिति की जांच करने के लिए आकलन वर्ष यानि असेसमेंट ईयर चुनें

4. कैप्चा कोड दर्ज करें और प्रोसीड पर क्लिक करें

अब आपकी रिफन्ड स्टेटस दिखाई देगी

रिफंड स्टेटस में मैसेज क्या बताते हैं?

नीचे दी गई सूची भारत में इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस को दर्शाती है। 'रिफंड स्टेटस' के कारणों का उल्लेख आमतौर पर तब किया जाता है, जब आप यह जांचते हैं कि ऑनलाइन इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस कैसे जांचें। रिफंड स्टेटस मैसेज को इनकम टेक्स रिफंड सीक्वेंस नंबर का उपयोग करके एक्सेस किया जा सकता है और जो नीचे सूचीबद्ध हैं।

  1. नो ई फाइलिंग डन दिस ईयर असेसमेंट ईयर
  2. रिफंड पेड
  3. नॉट डिटरमाइंड
  4. नो डिमांड नो रिफंड
  5. रिफंड अनपेड
  6. ITR प्रोसेस्ड एंड रिफंड डिटरमाइन्ड/ सेंट टू द रिफंड बैंकर
  7. कॉन्टैक्ट ज्यूरिडिक्शनल ऑफिसर
  8. डिमांड डिटरमाइंड
  9. रेक्टिफिकेशन प्रोसेस्ड डिमांड डिटरमाइंड
  10. रेक्टिफिकेशन एंड रिफन्ड प्रोसेस्ड एंड सेंट टू द रिफंड बैंकर
  11. रेक्टिफिकेशन प्रोसेस्ड नो डिमांड, नो रिफंड

रिफंड स्टेटस के बारे में जाने 

1. नो ई फाइलिंग डन दिस ईयर असेसमेंट ईयर मतलब निर्धारण वर्ष यानि असेसमेंट ईयर के दौरान कोई ई-फाइलिंग नहीं की गई: यह इनकम टेक्स रिफन्ड पेंडिग मैसेज इनकम टेक्स रिफंड स्टेटस को दर्शाता है। इसका मतलब निम्न में से कोई भी हो सकता है:

  • आपका आईटी रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है।
  • आपने ऑफलाइन मोड का इस्तेमाल किया होगा और ऑनलाइन ई-फाइलिंग मोड के बजाय पेपर फाइलिंग या फिजिकल फॉर्म में अपना रिटर्न दाखिल किया होगा। ध्यान दें कि रिफंड की स्थिति केवल तभी उपलब्ध होती है, जब ITR को ई-फाइल किया जाता है।

यदि आपकी इनकम टेक्स स्टेटस यह संदेश प्रदर्शित करती है, तो आपको 

  1. जाँच करना होगा कि आपकी रिफंड स्टेटस के लिए जाँचा गया असेसमेंट ईयर सही है या नहीं। ध्यान दें कि वित्त वर्ष 2014-2015 का अर्थ है AY 2015-2016।
  2. अगर आईटीआर फाइल नहीं किया है, तो तुरंत फाइल करें। देर से दाखिल करने के लिए जुर्माना लागू हो सकता है।

2. रिफंड पेड यानि धनवापसी का भुगतान: इसका आम तौर पर मतलब है कि IT विभाग ने धनवापसी का चेक भेज दिया है या सीधे आपके बैंक खाते को क्रेडिट कर दिया है, इसलिए इनमें से किसी भी तरीके से अपने बैंक में रिफंड के लिए इनकम टैक्स रिफन्ड स्टेटस चेक करें।

  • ईमेल पता itro@sbi.co.in के माध्यम से।
  • 1800 425 9760 पर टोल-फ्री फोन का उपयोग करना।
  • कैश मैनेजमेंट प्रोडक्ट, SBI / स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, SBI FAST, नंबर: 31 महल इंडस्ट्रियल एस्टेट, महाकाली केव्स रोड के पास, ईस्ट अंधेरी, मुंबई - 400093 को पत्र लिखे।
  • यदि आपने रिफंड चेक का विकल्प चुना है, तो साइट https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर इनकम टैक्स रिफंड स्टेटस 2020 स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग नंबर की जांच करें।

3. नॉट डिटरमाइंड मतलब निर्धारित नहीं: इस 'इनकम टेक्स रिफंड स्टेटस नॉट डिटरमाइंड' संदेश का अर्थ है कि आईटी विभाग को अभी तक आपके आईटीआर को प्रोसेस करना और रिफंड का निर्धारण करना है। आपको एक महीने के बाद इनकम टैक्स रिफंड NSDL रिफंड स्टेटस चेक करना चाहिए।

4. नो डिमांड नो रिफंड मतलब कोई मांग नहीं कोई धनवापसी नहीं: इसका मतलब है कि या तो 

  • आपका दायर ITR स्वीकार कर लिया गया है और न तो कोई डिमांड है और न ही रिफंड  देना है या 
  • ITR रिफंड दावा किए गए आपके रिफंड से मेल नहीं खाते। यह स्थिति तब होती है जब मूल यानि ओरिजिनल फाइलिंग में अपूर्ण या अनुचित सेक्शन, टीडीएस डेटा का न मिलना आदि होते हैं।

आप अपने कर सलाहकार के साथ इनकम टेक्स रिफंड की स्टेटस जानने के तरीके की जांच कर सकते हैं और

  • अपने ITR रिटर्न को सभी कटौतियों और विवरणों को ठीक से भरकर संशोधित करें।
  • जांच करें कि आईटी विभाग आपको भेजी गई सूचना में रिफंड के आपके आकलन से असहमत क्यों है और आपके दावे का समर्थन करते हुए गलतियों को सुधारें।

5. रिफंड अनपेड यानि रिफंड का भुगतान नहीं हुआ है: इसका मतलब है कि आईटी विभाग ने आपकी इनकम टेक्स रिफन्ड स्टेटस 2020 रिफंड चेक या बैंक ट्रांसफर भेजा है, और आपका पता या IFSC कोड या बैंक खाता विवरण गलत है। इसलिए प्रोसेस्ड रिफंड अनपेड रही।

आप क्या कर सकते हैं-

  • आकलन वर्ष और अपने पैन नंबर का उपयोग करके https://tin.tin.nsdl.com/oltas/refundstatuslogin.html पर कारण की जांच करें।
  • IncomeTaxIndiaEFiling.com के पोर्टल का उपयोग करें और अपनी जानकारी दर्ज करें या सही करें, और "रिफंड रीइश्यू रिक्वेस्ट" के साथ आवेदन करें।

6. ITR प्रोसेस्ड एंड रिफंड डिटरमाइन्ड/ सेंट टू द रिफंड बैंकर मतलब आईटीआर संसाधित हो गया, रिफंड निर्धारित हुआ और रिफंड बैंकर को भेजा गया: इसका मतलब है कि आपकी इनकम टेक्स रिफन्ड स्टेटस AY 2020-21 'रिफंड क्लेम' स्वीकार कर लिया गया है और रिफंड का दावा आयकर विभाग द्वारा रिफंड बैंकर को भेज दिया गया है। इसके अलावा रिफंड बैंकर सेवा और स्पीड पोस्ट ट्रैकिंग की सेवाओं का उपयोग यह जांचने के लिए किया जा सकता है कि कहीं आपको रिफन्ड गलत बैंक विवरण या खाता संख्या के कारण इसलिए तो अबतक प्राप्त नहीं हुआ।

7. कॉन्टैक्ट ज्यूरिडिक्शनल ऑफिसर मतलब JAO- क्षेत्राधिकार निर्धारण अधिकारी से संपर्क करें: इसका मतलब है कि आपके इनकम टेक्स रिफंड सीक्वेंस नंबर की स्थिति में स्पष्टीकरण की समस्या है। यह हो सकता है कि:

  • आईटी विभाग को आईटीआर में आपके धनवापसी दावे को स्पष्ट करना होगा और आपको इसे सुलझाने के लिए JAO से मिलना चाहिए।
  • इसका मतलब यह भी हो सकता है कि आपके पास उन करों का बकाया दावा है, जिनके खिलाफ आपके अनुरोध पर धनवापसी को समायोजित किया गया था।

अपने क्षेत्र के JAO से डाक या टेलीफोन द्वारा संपर्क करें।

8. डिमांड डिटरमाइंड मतलब मांग निर्धारित हुआ: इसका मतलब है कि आपका रिफन्ड अनुरोध संसाधित किया गया था और आईटी विभाग ने देखा की अपने करों का भुगतान नहीं किया है, जो आपको करना चाहिए था। आईटी विभाग आपको नोटिस जारी करेगा और बकाया कर के लिए कारण पूछेगा। यह स्थिति अनुचित फाइलिंग, टीडीएस मिसमैच आदि के कारण भी हो सकती है।

आप अपने कर सलाहकार से संपर्क कर सकते हैं और

  • अपने ई-फाइलिंग रिकॉर्ड में समस्या को क्रॉस-चेक करें। यदि गलती मिलता है, तो उल्लिखित नियत तिथि के भीतर सूचना में डिमांड का भुगतान करें।
  • अगर आपको लगता है कि यह एक गलती है तो सुधार प्रक्रिया यानि रेक्टिफिकेशन प्रोसेस का उपयोग करें और अपने रिफंड दावे के लिए एक रिटर्न दाखिल करें।

9. रेक्टिफिकेशन प्रोसेस्ड डिमांड डिटरमाइंड मतलब सुधार संसाधित मांग निर्धारित हुआ: यह संदेश करदाताओं को सुधार प्रक्रिया यानि रेक्टिफिकेशन प्रोसेस का उपयोग करने और मूल यानि ओरिजिनल रिटर्न को सही करने के लिए भेजा जाता है। आईटी अधिकारी ऐसे संशोधित विवरणियों को आंशिक या पूर्ण रूप से स्वीकार कर सकते हैं। आईटी विभाग आपको भुगतान न किए गए करों के लिए एक सूचना और डिमांड नोटिस भेजेगा, जिसमें आपको डिमांड का भुगतान करने के लिए 30 दिन का समय दिया जाएगा।

10. रेक्टिफिकेशन एंड रिफन्ड प्रोसेस्ड एंड सेंट टू द रिफंड बैंकर मतलब सुधार संसाधित, धनवापसी का निर्धारण, धनवापसी बैंकर को भेजा गया:

यह संदेश उन करदाताओं के लिए है, जिन्हें मूल यानि ओरिजिनल आईटीआर में सुधार के लिए एक इंटिमेशन नोटिस दिया गया है, जिसे आंशिक रूप या पूर्ण रूप से स्वीकार किया जा सकता है। इसके बाद मांग निर्धारित की जाती है और बकाया करों या रिफंड की मांग आईटी विभाग के मूल्यांकन आदेश के साथ सूचना के तहत जारी की जाती है। यह इंगित करता है कि रिफंड बैंकर को भेजा गया।

11. रेक्टिफिकेशन प्रोसेस्ड नो डिमांड, नो रिफंड मतलब सुधार संसाधित किया गया, धनवापसी निर्धारित की गई, धनवापसी बैंकर को भेजी गई: इसका मतलब है कि आपकी रेक्टिफिकेशन रिटर्न स्वीकार कर ली गई है, और आपके मामले में न तो रिफंड है और न ही डिमांड है।

निष्कर्ष:

अगर कोई फाइलिंग की बारीकियां समझता है और इसे समय पर करता है तो आईटी रिटर्न ऑनलाइन कैसे दाखिल करें और ऑनलाइन अपनी रिफंड स्थिति की जांच कैसे करें, यह कोई जटिल काम नहीं है। हमें उम्मीद है कि हम इनकम टेक्स रिफंड स्टेटस 2020-21 के बारे में पर्याप्त जानकारी देने में सफल हुए हैं। हैप्पी ITR फाइलिंग!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न(FAQs):

1. मैं अपने रिफंड का 'रिफंड रिटर्न्ड रि इशू' कैसे प्राप्त करूं?

  • 'इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल लॉगिन में माई अकाउंट (My Account) का प्रयोग करें।
  • 'रिफंड री-इश्यू रिक्वेस्ट' विकल्प चुनें और चेक/ईसीएस के रूप में रिफंड मोड चुनें।
  • IFSC और बैंक खाता संख्या भरें या रिफन्ड चेक के लिए सही डाक पता दें।

2. मैं गलत बैंक IFSC या खाता संख्या कैसे बदल सकता हूँ?

गलत IFSC या बैंक खाता संख्या बदलने के लिए जब आपके पास 'रिफंड फेलियर इंटीमेशन हो तो इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉगिन करें और अपने खाते में लॉग इन करें। फिर 'रिफंड री-इश्यू रिक्वेस्ट' चुनें और सही विवरण या डाक पता दर्ज करके चेक या ECS के रूप में रिफंड मोड का चयन करें और अनुरोध जमा करें। एक बार अपडेट होने के बाद आईटी विभाग आपके रिफन्ड को प्रोसेस करेगा।

3. मैं अपने ITR में गलत पता, ई-मेल आईडी, या मोबाइल फोन नंबर कैसे सुधार सकता हूँ?

गलत पता, ईमेल, या फोन नंबर बदलने के लिए आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल में लॉग इन करें और अपने खाते में लॉग इन करें। फिर 'अपडेट कॉन्टैक्ट डिटेल्स' टैब चुनें, सही विवरण या डाक पता दर्ज करें और अनुरोध सबमिट करें। सबमिट करने के बाद ITR को अपडेट करने के लिए CPC या सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर को एक कॉपी भेजें।

4. मुझे रिफंड चेक नहीं मिला है और मुझे अपना डाक पता बदलने की जरूरत है, तो क्या करना चाहिए?

आप इन चरणों का पालन करके डाक पते को सही कर सकते हैं और अपने नए पते पर रिफन्ड रि इशू करने की मांग कर सकते हैं। रिफन्ड विफल होने की सूचना मिलने पर गलत पता बदलने के लिए आयकर ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करें और अपने खाते में लॉग इन करें। 'रिफंड री-इश्यू रिक्वेस्ट' चुनें और चेक के रूप में रिफंड मोड चुनें। इसके बाद सही डाक पता दर्ज करें और अनुरोध सबमिट करें। एक बार अपडेट होने के बाद आईटी विभाग आपके नए पते पर रिफन्ड भेजकर आपका रिफन्ड प्रोसेस करेगा।

5. मुझे अभी तक अपना रिफंड क्यों नहीं मिला है?

जब आपको अपना रिफंड प्राप्त नहीं हुआ है, तो आपको रिफंड की स्टेटस की जांच करनी चाहिए। स्टेटस की जांच करने के लिए आयकर ई-फाइलिंग वेबसाइट का उपयोग करें और 'माई अकाउंट' में लॉग इन करें। फिर 'माई रिटर्न/फॉर्म' टैब चुनें और पैन और जरूरी असेसमेंट ईयर दर्ज करके रिफंड की स्थिति की जांच करें।

रिफंड न आने के कुछ कारण हो सकते हैं, जैसे- 

  • आपका आयकर रिटर्न अभी प्रोसेस नहीं हुआ है।
  • आपका ITR प्रोसेस किया गया था और कोई रिफंड नहीं है।
  • आपका ITR प्रोसेस किया गया था और गलत बैंक या डाक पते के विवरण के कारण रिफंड आप तक नहीं पहुँची है। फिर आपको सही पते या बैंक विवरण के साथ सुधार का अनुरोध करना चाहिए।

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