जीएसटी

GSTIN प्राप्त करने के लिए परेशानी मुक्त तरीका – GST नंबर फॉर्मेट, प्रक्रिया और बहोत कुछ

भारत में नए लागू होने वाली गुड्स और सर्विसेज टैक्स प्रणाली में हम हर दिन विभिन्न नए प्रक्रिया का सामना करते हैं। इससे आम लोगों के लिए नई संरचना और प्रक्रियाओं को समझना मुश्किल हो जाता है। इनमें से एक पद है जीएसटीआईएन। हम सभी इसे बिल, रसीदें आदि पर लिखा हुआ देखते हैं लेकिन सवाल उठता है कि यह क्या है? इसका महत्व क्या है? GSTIN कैसे प्राप्त करें?

GSTIN क्या है?

जीएसटीआईएन, गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स आइडेंटिफिकेशन नंबर के लिए एक विशिष्ट पहचान संख्या है जो विभिन्न डीलरों और सेवा प्रदाताओं को दिया गया है। जीएसटीआईएन की अवधारणा को मूल रूप से लोगों की सुविधा के साथ-साथ पूरे देश में कराधान प्रणाली में शामिल सरकारी अधिकारियों के लिए पेश किया गया है।

इससे पहले, VAT सिस्टम के तहत सभी पंजीकृत डिलरो को TIN नंबर दिए गए थे। सेन्ट्रल बोर्ड ओफ एक्साइज एन्ड कस्टम विभिन्न सेवा प्रदाताओं को सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन नंबर पर्याप्त करते थे। लेकिन इस नई कराधान प्रणाली के तहत, सभी करदाताओं को एक ही छतरी के नीचे एक साथ लाया जाता है ताकि विभिन्न प्रशासन संबंधी प्रक्रियाओं का मार्ग सुगम हो सके। इसलिए, सभी करदाताओं को एक GSTIN दिया जाएगा।

GST नंबर फॉर्मेट :

अब, सवाल आता है – जीएसटीआईएन की संरचना क्या है? यह भारत में एक राज्य से दूसरे राज्य में कैसे भिन्न है?

जीएसटीआईएन 15 अंकों की संख्या है, जो प्रत्येक करदाता के लिए अद्वितीय है। इसके पहले दो अंक भारतीय जनगणना 2011 के अनुसार राज्य का कोड हैं। भारत के हर राज्य के पास एक अद्वितीय कोड है। जीएसटीआईएन के अगले दस अंकों में संबंधित करदाता के पैन नंबर शामिल हैं। अगला अंक, यानी GSTIN का तेरहवां अंक व्यक्ति के अधिकार में चल रहे सारे बिजनेस में उस बिजनेस के नंबर को दर्शाता है। चौदहवाँ वर्ण सभी के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से Z होगा। जीएसटीआईएन का अंतिम नंबर या तो लेटर या संख्या में होगा, यह मूल रूप से एक चेक कोड है। इसके परिणामस्वरूप अल्फ़ान्यूमेरिक कोड GSTIN है।

GSTIN प्राप्त करने के लिए अपना व्यवसाय कैसे पंजीकृत करें? 

अधिकांश व्यापारियों, डीलरों और सेवा प्रदाताओं को जीएसटी नंबर प्राप्त करने में कठिनाई होती है। जब तक आप नई चीजों के बारे में सही जानकारी नहीं पाते हैं, तब तक उनकी प्रक्रियाओं और आवश्यकताओं के बारे में चिंतित होना बहुत आम बात है।

GSTIN प्राप्त करना एक बहुत ही आसान प्रक्रिया है, एक बार जब आपका आवेदन GST अधिकारी द्वारा अनुमोदित हो जाता है, तो आपको एक अद्वितीय GST नंबर आवंटित किया जाएगा। अब सवाल आता है कि भारत में जीएसटी नंबर कैसे प्राप्त किया जाए? इसके लिए आवेदन कहाँ करें? इसके लिए आवश्यक दस्तावेज कौन से है?

अपना विशिष्ट GSTIN प्राप्त करने के लिए, आपको अपना पंजीकरण कराना आवश्यक है। पंजीकरण जीएसटी ऑनलाइन पोर्टल या भारत सरकार द्वारा स्थापित जीएसटी सेवा केंद्र पर कराया जा सकता है। पंजीकृत करने के लिए आपको दस्तावेजों की जरूरत पड़ेगी, जिसकी सूची नीचे दि गई है।

• पर्मेनन्ट अकाउंट नंबर (पैन)
• भारतीय मोबाइल फोन नंबर
• ई-मेल आइडी
• व्यापार का स्थान
• सभी अनिवार्य पंजीकरण आवेदन
• अधिकार क्षेत्र की माहिती
• बैंक खाता नंबर (भारत के)
• एक ही शाखा और बैंक के IFSC कोड
कम से कम एक प्रोपराइटर / पार्टनर / डायरेक्टर / ट्रस्टी / कर्ता / सदस्य का पैन कार्ड
• एक अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता जो भारत के निवासी है और उसके पास पैन कार्ड भी है।

एक बार यह जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी हो जाती है और जीएसटी अधिकारी आपके आवेदन को स्वीकार कर लेता है, तो आपको निर्धारित जीएसटी नंबर फॉर्मेट में एक जीएसटीआईएन सौंपा जाएगा। आपको बता दे की जीएसटीआईएन प्राप्त करने के लिए पंजीकरण शुल्क शून्य है। यह बिल्कुल मुफ्त है।

GST नंबर को कैसे और कहाँ से सत्यापित (वेरिफाई) करें? :

GSTIN को सत्यापित करने के लिए आपकी आधिकारिक वेबसाइट गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, पर जा सकते हैं, वहा सर्च टेक्सपेयर विकल्प पर क्लिक करें। GST नंबर फोर्मेट में सही GSTIN दर्ज करें अथवा UIN करदाता दर्ज करे। उसके बाद कैप्चा दर्ज करें और एन्टर दबाइए। जिस व्यवसाय का जीएसटी नंबर आपने दर्ज किया है उसका पंजीकृत नाम ‘कानूनी नाम व्यापार के नाम’ के अंतर्गत दिखाई देगा।

यदि आप एक व्यापारी, डीलर या सेवा प्रदाता हैं और आपने हाल ही में ऊपर उल्लिखित प्रक्रियाओं के अनुसार जीएसटीआईएन प्राप्त करने के लिए अपना व्यवसाय पंजीकृत किया है, तो जब तक आपको आपका जीएसटीआईएन नहीं मिल जाता आपको टेम्परेरी रूप से प्रोविजनल आईडी दी जाएगी।

नकली GSTIN की रिपोर्ट करना महत्वपूर्ण है! :

यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि केवल पंजीकृत जीएसटीआईएन धारक ही जीएसटी मानदंडों के तहत चार्ज करने के लिए उत्तरदायी हैं। वे व्यवसाय मालिक, डीलर या सेवा प्रदाता जो पंजीकृत नहीं हैं और जिसके पास GSTIN नहीं हैं, वे GST का शुल्क नहीं ले सकते हैं।

जिम्मेदार नागरिकों के रूप में, हमें इन सभी चीजों के बारे में पता होना चाहिए और अगर कोई बिना गुड्स एंड सर्विस टैक्स आइडेन्टिफिकेशन नंबर के गैरकानूनी रूप से GST वसूल रहा है तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम संबंधित अधिकारियों को ऐसी अवैध गतिविधियों की रिपोर्ट करें।

आप ऐसे किसी भी फर्जी पंजीकरण की सूचना देने के लिए ईमेल का उपयोग कर सकते हैं। GST शिकायत ईमेल आईडी helpdesk@gst.gov.in है। शिकायत दर्ज करने के लिए और किसी भी प्रकार के प्रश्नों के लिए विभिन्न GST हेल्पलाइन भी हैं: 0124-4688999 या 0120-4888999 नंबर पर भी आप संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष :

GSTIN व्यवसायियों, व्यापारियों और सेवा प्रदाताओं के लिए पारदर्शिता बनाए रखने के लिए और लंबी प्रक्रियाओं की वजह से कराधान प्रणाली में देरी को कम करने के लिए है। अब कम से कम कागजी कार्रवाई के साथ लगभग सब कुछ ऑनलाइन उपलब्ध है।

एक बार पंजीकरण व्यवसाय के मालिकों के लिए चीजों को आसान बनाता है। जीएसटीआईएन पंजीकृत व्यापार मालिकों, सेवा प्रदाताओं और डीलरों को दी गई एक पहचान है। एक निर्धारित जीएसटी नंबर फॉर्मेट कराधान प्रणाली में एकरूपता लाता है।

जीएसटीआईएन की पंजीकरण प्रक्रिया और सिद्धांत को समझना बहुत आसान है और इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है की जीएसटीआईएन धारकों के लिए कम समस्याएं पैदा हो। आप भी अपने बिजनेस को पंजीकृत करें और जल्द से जल्द परेशानी मुक्त तरीके से अपना GSTIN प्राप्त करें।